चिड़ियों की शोर ने मुझे लगाया
रात गुजार के फिर सुबह आया

ये सुबह एक पहचान दे जायेगा
जाते - जाते किसी को एक नाम दे जायगा

मुझे मिलेगा सुबह का आशीर्वाद
जाते - जाते शाम का किनारा दे जायेगा

रात गुजारी चाँदनी निहारने में
सुबह गुजरेगी दुआ मांगने में

चलो कुछ नया मांगते हैं
चलो जीना मांगते है

प्राथना स्वीकार हो जाएगी
आज सुबह भी मुस्कुरा रही हैं
चलो आज एक वादा करेंगे खुद से
हमेसा मुस्कुरायेंगे
एक वक़्त आयेगा
धीरे - धीरे
जीना सिख ही जायेंगे ||


प्रिया मिश्रा :)

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