बिकलांग ||

मैै बिकलांग हूं
अपाहिज नही
कुछ खो गया
हैै मेरे
शरीर से
जान गवाया
नही,
जरा सा दुख
हैै
पर
तरस खाने
की
जरूरत नही ||
मै इनसान हूं
कूछ खोया
हैै
तो कूछ पाया
भी हैै
हौसलो की
उड़ान
हैं
उमिदो
के पंख
है
हैै खूद पे इतना
बिशवास
लड़ ही लेंगे ऐ
जींदगी
तूझसे
क्योकिं
मै
विकलांग हूं
अपाहिज
नही ||
प्रिया मिश्रा 😊😊

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