हम दोनों एक ही जैसे हैं
वो कैमरे से खेलता हैं
और मैं शब्दों से
वो रंगो में डूबे ख्याल लाता हैं
और मैं ख्यालो में डूब के रंग लाती हूँ
वो तस्बीरों से बातें करता नहीं थकता
और मैं शब्दों से उलझ के खोई रहती हूँ
वो तस्बीरों में मुस्कुराता हैं
और मैं शब्दों के ताने- बाने बुनती हूँ ||
प्रिया मिश्रा :)
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