खुद पे भरोषा रखे | क्युकी आपका भरोषा ही आपके लिए अच्छा हैं | वक़्त कैसा भी आये अगर खुद पे बिश्वाश हैं तो आँधिया भी रुख मोड़ लेती हैं | जितना हमारी आदत में हैं ऐसा बिश्वाश लेके चले | किसी के साथ भी बुरा न करे| क्युकी कदम के पेड़ पे ही कृष्णा आते हैं | तो कदम के पेड़ अपने आँगन में लगाए | जंगली पौधो से दूर रहना काटो को चुभने नहीं देता पाँव में |
वो बन्दर ही होता हैं जो मदारी के डमरू पे नाचता हैं
शेर तो पिंजरे में भी शेर ही हैं ||
प्रिया मिश्रा :)
वो बन्दर ही होता हैं जो मदारी के डमरू पे नाचता हैं
शेर तो पिंजरे में भी शेर ही हैं ||
प्रिया मिश्रा :)
Excellent
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