मुझे लगता हैं सबको कवी होना चाहिए | कवी पर्वत में जान ला देता हैं | दीवारों से बातें करता हैं | और बेजान चाँद में खूबसूरती ला देता हैं | कवी की  कल्पना हर चीज को जिन्दा कर सकती हैं | फूल मुस्कुरा सकते हैं | बादल रो सकता हैं | हवा झकझोर सकती है | नदियाँ अंगराईया ले सकती है | जमीं चादर हो सकती हैं और आसमान कम्बल बन सकता है | महबूब दूर भी हो फिर भी कल्पना में मिल सकते है | ये कवी ही हैं जो हर पल को जी सकते है | हर व्यक्ति में कवी जान ला सकता है | किसी को टूटने से बचा सकता हैं तो किसी के साथ शब्दों में रो भी सकता है | वो कही किसी के साथ शारीरिक रूप से न मौजूद हो लेकिन उसके शब्द सबको हँसा सकते सबको रुला सकते है | किसी के आँसू पोंछ सकते हैं और किसी के साथ मुस्कुरा सकते है | कवी की जान उसके शब्दों में होती है |
तो आप भी कवी बने और शब्दो के साथ दोस्ती कर ले ||

सुप्रभात
जय हिन्द
जय भारत

प्रिया मिश्रा :)

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