|| गाँव और आधुनिक बिकाश ||
गावँ जहाँ आज भी सचाई बस्ती हैं | प्रकीर्ति बस्ती हैं | सुंदरता बस्ती हैं | प्यार बस्ता हैं | लेकिन इन्तजार भी बस्ता हैं | तो क्यों न इस इन्तजार को ख़तम करे| माँ - बाप को उनके बेटो बेटियों से मिलाये | अपने छोटे से गावँ को आधुनिकता से भरा हुआ गावँ बनाये | ये मुश्किल है पर नामुमकिन नहीं हैं | एक प्रयाश करे | जहाँ आपने जन्म लिया वहां की धरती का भी कुछ कर्ज होता हैं | सिर्फ पढ़ के बाहर जाके पैसे कमाने से कर्ज नहीं उतरता | मैं ये नहीं कहती की स्वम के बारे में ना सोचे | लेकिन ये भी तो सोचे आपको समर्थन मिला आपके माँ - बाप का तो आप आगे जाके पढ़ पाए कुछ बन पाए | लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो गावँ से बाहर नहीं जा पाते | क्या हमारा कुछ कर्तब्य नहीं उनके प्रति | और जरा ये सोचे की अगर गाँव का बिकाश होगा तो शहरो से थोड़ी आबादी सायद कम हो पाए और लोग अपनों से बिछड़ न पाए |
लोग शुद्ध हवा , सुद्ध पानी और स्वक्ष वातावरण में अपने सपने को पूरा कर पाएंगे |
गाँव खाली न हो और कोइ बेरोजगार न रहे | इसका सिर्फ एक ही हल हैं की गाँवों में आधुनिकता को उसके बिकाश के लिए लाया जाये | जैसे विद्यालय , अस्पताल, सड़को का विकाश , बिजली , कुछ रोजगार जिससे हमारे युवा बेरोजगार न रहे | साइंस इतनी बिकसित हो गयी हैं | फिर भी आज भी कई गाँव अँधेरे की शिकार हैं | सड़के टूटी हैं | अस्पताल नहीं हैं | विद्यालय और महाबिध्यालय नहीं हैं | हमारे बच्चों का भविस्य अंधकार में हैं | लोग थोड़े से पैसे के लिए शहर की और भाग रहा हैं | शहर में आबादी बढ़ रही है और गाँव खाली हो रहा हैं | हमारे यहाँ की बेटियाँ अशिक्षित रह जा रही हैं | गावँ आज भी अँधेरे में जी रहा हैं और शहर उन्हें प्रदुषण से मार रहा हैं | तो अपने गावँ के विकाश में अपना योगदान दे | अपने गावँ के सरपंच और मुखिया को समझाए | सरकार को अपने गावं के प्रति आकर्षित करे ताकि वो आपके मदद कर सके |
याद रखे आपकी जन्मभूमि का कर्ज हैं आप पर | उस किसान पर आपका कर्ज हैं जो गावं की तंगी से आकर खेतो को बेचने पर आ गए हैं | उनके कार्य को सराहें उनकी मदद करे | अपने गावं को आधुनिक बनाने में जितना योगदान का सकते हैं करे |
अगर गावं का बिकाश संभव हो पाया तो शहर में भी राहत होगी और लोग बिभाजित रहेंगे एक जगह पे संकुचित होकर जीने की दुहाई से बच पाएंगे |
अगर एक डॉक्टर रोज एक गावं में जाना स्वीकार कर ले | तो क्या कोइ भी गावं अस्पताल से वंचित रह पायेगा |
अगर एक इंजीनियर एक दिन का समय अपने गावं के बिकाश में अपना योगदान दे, तो क्या किसी गावं का विकाश असंभव हो पायेगा |
अगर एक - एक शिक्षक ईमानदारी से पढ़ना सुरु कर दे तो क्या कोइ गावं का बच्चा अनपढ़ रह पायेगा |
याद रखे अगर हमारे माँ - बाप ने नहीं सोचा होता तो हम भी कही कचरे की तरह पड़े होते और वही सड़ जाते |
किसी ने हमारे विकाश में अपना योगदान दिया हैं
अब हमारा वक़्त हैं |
तो विचार करे
और अच्छा लगे तो शेयर करे ||
जय हिन्द
जय भारत
प्रिया मिश्रा :)
गावँ जहाँ आज भी सचाई बस्ती हैं | प्रकीर्ति बस्ती हैं | सुंदरता बस्ती हैं | प्यार बस्ता हैं | लेकिन इन्तजार भी बस्ता हैं | तो क्यों न इस इन्तजार को ख़तम करे| माँ - बाप को उनके बेटो बेटियों से मिलाये | अपने छोटे से गावँ को आधुनिकता से भरा हुआ गावँ बनाये | ये मुश्किल है पर नामुमकिन नहीं हैं | एक प्रयाश करे | जहाँ आपने जन्म लिया वहां की धरती का भी कुछ कर्ज होता हैं | सिर्फ पढ़ के बाहर जाके पैसे कमाने से कर्ज नहीं उतरता | मैं ये नहीं कहती की स्वम के बारे में ना सोचे | लेकिन ये भी तो सोचे आपको समर्थन मिला आपके माँ - बाप का तो आप आगे जाके पढ़ पाए कुछ बन पाए | लेकिन कुछ ऐसे भी लोग हैं जो गावँ से बाहर नहीं जा पाते | क्या हमारा कुछ कर्तब्य नहीं उनके प्रति | और जरा ये सोचे की अगर गाँव का बिकाश होगा तो शहरो से थोड़ी आबादी सायद कम हो पाए और लोग अपनों से बिछड़ न पाए |
लोग शुद्ध हवा , सुद्ध पानी और स्वक्ष वातावरण में अपने सपने को पूरा कर पाएंगे |
गाँव खाली न हो और कोइ बेरोजगार न रहे | इसका सिर्फ एक ही हल हैं की गाँवों में आधुनिकता को उसके बिकाश के लिए लाया जाये | जैसे विद्यालय , अस्पताल, सड़को का विकाश , बिजली , कुछ रोजगार जिससे हमारे युवा बेरोजगार न रहे | साइंस इतनी बिकसित हो गयी हैं | फिर भी आज भी कई गाँव अँधेरे की शिकार हैं | सड़के टूटी हैं | अस्पताल नहीं हैं | विद्यालय और महाबिध्यालय नहीं हैं | हमारे बच्चों का भविस्य अंधकार में हैं | लोग थोड़े से पैसे के लिए शहर की और भाग रहा हैं | शहर में आबादी बढ़ रही है और गाँव खाली हो रहा हैं | हमारे यहाँ की बेटियाँ अशिक्षित रह जा रही हैं | गावँ आज भी अँधेरे में जी रहा हैं और शहर उन्हें प्रदुषण से मार रहा हैं | तो अपने गावँ के विकाश में अपना योगदान दे | अपने गावँ के सरपंच और मुखिया को समझाए | सरकार को अपने गावं के प्रति आकर्षित करे ताकि वो आपके मदद कर सके |
याद रखे आपकी जन्मभूमि का कर्ज हैं आप पर | उस किसान पर आपका कर्ज हैं जो गावं की तंगी से आकर खेतो को बेचने पर आ गए हैं | उनके कार्य को सराहें उनकी मदद करे | अपने गावं को आधुनिक बनाने में जितना योगदान का सकते हैं करे |
अगर गावं का बिकाश संभव हो पाया तो शहर में भी राहत होगी और लोग बिभाजित रहेंगे एक जगह पे संकुचित होकर जीने की दुहाई से बच पाएंगे |
अगर एक डॉक्टर रोज एक गावं में जाना स्वीकार कर ले | तो क्या कोइ भी गावं अस्पताल से वंचित रह पायेगा |
अगर एक इंजीनियर एक दिन का समय अपने गावं के बिकाश में अपना योगदान दे, तो क्या किसी गावं का विकाश असंभव हो पायेगा |
अगर एक - एक शिक्षक ईमानदारी से पढ़ना सुरु कर दे तो क्या कोइ गावं का बच्चा अनपढ़ रह पायेगा |
याद रखे अगर हमारे माँ - बाप ने नहीं सोचा होता तो हम भी कही कचरे की तरह पड़े होते और वही सड़ जाते |
किसी ने हमारे विकाश में अपना योगदान दिया हैं
अब हमारा वक़्त हैं |
तो विचार करे
और अच्छा लगे तो शेयर करे ||
जय हिन्द
जय भारत
प्रिया मिश्रा :)
Bahut khub
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