किसी को मुहसे घृणा हो गयी
किसी को मुझसे नफरत
कोइ मेरे नाम पे भी बात बदल देता हैं
ये वो दोस्त हैं जिन्होंने कहा था
कुछ भी हो जाये
मैं तुम्हारे साथ रहूँगा
देखा वक़्त कैसे बिना कसूर के बदला लेता हैं
जब वो करवट बदलता हैं ||

प्रिया मिश्रा :)

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