जो आग लगी हैं

जो आग लगी हैं उस से खुद को जलाओ  मत
आग को संभाल के रखो ||

खुद की चिता मत बनाओ
खुद के खून में उबाल आने दो
मगर वो उबाल संभाल के रखो

जो आग लगी हैं उस से खुद को जलाओ  मत
आग को संभाल के रखो ||

उस आग को अपनी ऊर्जा बनाओ
उस ऊर्जा से अपनी पथ बनाओ
अपने पैरो में जरा जान लावो
जायदा सोच में वक़्त मत गवाओ
आग को संभाल के रखो ||

उस आग के प्रकाश में
खुद की हकीकत देखो
अपनी औक़ात देखो
अपने अपनों की औक़ात देखो ||
पहचानो उनसे अपना रिस्ता
और  उस  मोह से बहार आ जाओ

जो आग लगी हैं उस से खुद को मत जलवो
आग को संभाल के रखो ||

प्रिया मिश्रा :)


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