खामोश आँखे भी
चुप नहीं रहती
दिल से निकली हुई बात दिल में नहीं रहती
वो पहुँच ही जाती हैं
दिल तक
किसी और के
कही और किसी और शहर  में
किसी और के खयालो में ||

प्रिया मिश्रा :)

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog