मेरी मृत्यु असंभव हैं
भला शब्द भी मरते हैं
वो तो अहसास हैं, जो
आत्मा बन के जनम लेते हैं
मरता तो शरीर  हैं
और शब्द तो आत्मा हैं
जो मन की गहराईयो
से निकलते हैं ||

प्रिया मिश्रा :)

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