मैं चांदनी निहारना चाहता हूँ

मैं तेरा इन्तजार करना चाहता हूँ
आज जरा देर से आना
बालो में गजरे डालना
आँखो में काजल
लगा के आना
मेरी नजर आज लग जाएगी
मैं आज चांदनी निहारना चाहता हूँ ||

वो शादी वाली
सिल्क की साडी
वो कमरबंद
तुम्हारे हाथों को चूड़ियों से भर देना
हां , खुद की नजर आज उतार लेना
मेरी नजर लग जाएगी
मैं आज चांदनी निहारना चाहता हूँ ||

बेली की खुसबू से सजा
तुम्हारा गजरा
आँखों में मीठा सा  कजरा
और लाली जरा धीमी लगाना
रात को नजर लग जाएगी
जरा काली हो जाये तब आना
मेरी नजर लग जाएगी
मैं आज चांदनीनिहारना चाहता हूँ ||

जरा रुक के आना
चाँद छुप  जाये तब आना
सितारों को अपने आँचल में सजा लेना
मैं चांदनी को नजदीक से निहारना चाहता हूँ
मैं जुगनुओं से बातें करना चाहता हूँ
आज जरा घूँघट लेके आना
मेरी नजर लग जाएगी
मैं आज चांदनी निहारना चाहता हूँ ||

प्रिया मिश्रा :)

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