रात

रात हो गयी चलो अब सोते हैं
आज की बात हो गयी
कल कुछ होंगी
रहने दो बातो को
चलो अब सोते हैं
मीठे सपनो में खोते हैं ||

 कल का सबेरा एक नया सपना सजाने का हैं
चलो आखों में कुछ सपने भर लो
जागते नैनो को ज़रा सीतलता से भर लो
कुछ कल करना नया
आज बहोत हो गयी
आज की बात हो गयी
कल कुछ होंगी
चलो कुछ सपने देखते हैं
रात हो गयी चलो अब सोते हैं ||


प्रिया मिश्रा :)

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