मैं ठहरी तेरी मीत
तू माया बन के आया हैं ||

डूबा के ले जायगा
तू वो नईया बन के आया हैं ||

ख्याल तेरे लूट ही लेंगे
तू जाने क्यों लुटेरा बन के आया हैं ||

तू पँछी , मै टहनी  पेड़ की
मैं ठहरी ,
तू उड़ जायगा ||
प्रीत मेरा भी
हैं बावरा
ले के मुझको
तू गहरे पानी
पिया तू पंख फैलाएगा
मैं बुलबुले पानी संग
घुल जाउंगी
और तू ,
तू पिया उड़ जायेगा ||

मैं ठहरी तेरी मीत
तू माया बन के आया हैं ||

प्रिया मिश्रा :) :)

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