जिंदगी अभी बाकि हैं

मैं जितनी बार गिरूँगी
उतनी बार उठूंगी
जिंदगी अभी बाकि हैं ||

मुझे जितनी बार इंकार किया जायेगा
उतनी बार प्रयाश करुँगी
सब कुछ जा चूका हो
शायद , लेकिन
जिंदगी अभी बाकि हैं ||

मैं जिन्दा हूँ , मेरे पाँव
थके नहीं , तो क्यों रुकेंगे
वो चलते ही रहेंगे
क्यूंकि ,
जिंदगी अभी बाकि हैं ||

मुझसे होकर ही गुजरना होगा
उस जित को जो आज खुद पे इतरा  रहा हैं
वो मुझे ही मिलेगा
मेरा होकर रहेगा
वक़्त भी मेरा होगा
सब कुछ जा चूका हो सायद
लेकिन ,
जिंदगी अभी बाकि हैं ||

वो लौट के आएगा
अभिमानी
अहंकारी
उसे जरूर लाएगा  मेरा वक़्त
जो आज गुरुर खाये बैठा हैं
वो मुझे भूल नहीं सकता
उसे  आना ही होगा
वो कितनी भी दूर गया हो
उसका इन्तजार करुँगी
मैं मरी नहीं जिन्दा हूँ
और ,
जिंदगी अभी बाकि हैं ||

मैं अपाहिज नहीं हूँ
आज भी मेरी आँखे खुलती हैं
दुनिया देखती हैं
मेरे हाथ सदा आगे आते हैं
मदद के लिए
मेरे पैरो पर मैं खड़ी  हूँ
तो क्यों न ,
क्यों और कहा जाएगी
वो मेरी जित
आएगी ,
जरूर आएगी
क्यूंकि ,
जिंदगी अभी बाकि हैं ||

प्रिया मिश्रा :)

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