आज कि सुबह ||

आज कि सुबह एक नई उड़ान लेके आई हैं
ये नए पंख देके जाएगी
ये नए अरमान लेके आई हैं
आज की सुबह नई उड़ान लेके आई हैं ||

ये पहाड़ो पे चढ़ेगी
ये पंछियो से खेलेगी
ये पेड़ो की टहनियो से गुजरते हुए
नदियों तक जाएगी
ये किरणों को बिखेरेगी
ये दूर अट्टालिकाओ तक जाएगी
ये नए उम्मीद दूर तक पहुचायेगी
आज की सुबह एक नई उड़ान लेके आई हैं ||

ये खुशिया बन के बिखरेगी गई किसी के चेहरे पे
ये चमक जाएगी किसी के आँखों में
ये रात का सन्नाटा मिटाएगी
आज की सुबह नया उपहार देके जाएगी
ये नए पंख देके जाएगी
आज की सुबह नए उड़ान लेके आई हैं||

प्रिया मिश्रा :) :)

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