मैं तुम्हे कैसे सोचती हूँ

मैं तुम्हे कैसे सोचती हूँ
मैं तुम्हे ऐसे सोचती हूँ
जैसे चाँद चकोर को सोचता हैं ||

मुझे तुम्हारा इंतजर कुछ ऐसे हैं
जैसे एक भूके को रोटी के लिए तड़पता  हैं
एक बच्चा माँ के लिए
और एक जमीं जैसे बारिश के लिए तड़पती  हैं ||

मैं तुम्हे ऐसे चाहती हूँ जैसे
तुम्हे पाने के लिए दुआ मांगी थी
और तुम मेरी आखरी ख्वाइश हो ||

मैं तुमको कैसे सोचती हूँ
मैं तुमको ऐसे सोचती हूँ
जैसे चाँद चकोर को सोचता हैं ||

मैं सितारा बन जाना चाहती हूँ
और तुम्हे चाँद बना के
तेरी इर्द - गिर्द एक घेरा  बना लूँ
मैं तुझे करीब से महसूस करना चाहती हूँ  ||

मैं तुम्हे कैसे सोचती हूँ
मैं तुम्हे ऐसे सोचती हूँ
जैसे चाँद चकोर को सोचता हैं ||

प्रिया मिश्रा :)

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