मैं सुबह की रौशनी में मीठे धुप में खिल के तेरी आँखों में आउंगी
दिन भर चमकूँगी किरणे बनकर |
शाम को तेरे आँगन में ठहरूंगी
और रात में तेरी पलकों की नींद में खो जाउंगी ||
प्रिया मिश्रा :)
दिन भर चमकूँगी किरणे बनकर |
शाम को तेरे आँगन में ठहरूंगी
और रात में तेरी पलकों की नींद में खो जाउंगी ||
प्रिया मिश्रा :)
Bht khoob.. 😍😍🤗🤗
ReplyDeletethank you g :)
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