सफलता और असफलता

 

 

सफलता और असफलता एक समय है ...........गुजर जाता है | 


आप अगर अपने जीवन में बार -बार असफल हो रहे है ............लेकिन प्रयाश जारी है तो यकीं मानिये आप वास्तव में विजेता है ............जिसमे कोइ कमी नहीं है बस वक़्त के हाथो मजबूर है ||

ये लाइन मैं अपने लिए लिखती थी ...........और दीवाल पे लगा देती थी ...........लेकिन मैं एक और लाइन लिखती थी,, की ..........कहाँ कमी रह गयी ? |



कभी -कभी हम जरा सी चूक से .........पीछे रह जाते है और वही गलतियां बार -बार अनजाने में दुहराते है
हमें खबर नहीं होती लेकिन सब कुछ पहल जैसा ही होता है और फिर हार का सामना हमें करना पड़ता है || 



मैं १० बार मेडिकल के एग्जाम में फ़ैल हुई हूँ ..........आपको भी आश्चर्य होगा .........किसी में इतनी हरने की हिम्मत कैसे हो जाती है ?   ..........मुझमे भी नहीं थी | लेकिन फिर भी किया ...........कोइ पागलपन नहीं था की डॉक्टर बनाना है ...........लेकिन घर वालो की ईक्षा थी | सो प्रयाश जारी रखा ........फिर बाद में एहसास हुआ गलत कर रही हूँ ..............अपने घर वालो के साथ भी और अपने साथ भी ..............हिम्मत  की और बात की घर में .............थोड़ा उन्हें अजीब लगा लेकिन बाद में मान गए |

लेकिन इसका नकारात्मक प्रभाव ये हुआ मेरे जीवन में की मैं जितना भूल गयी ..........कही ना कही दिमाग में ये डर बैठा रहता था ........कही यहां भी फ़ैल हुई तो ................बहोत संघर्ष रहा मेरे जीवन में इस सर्टिफिकेट वाले शिक्षा को लेके ||

असफलता देख- देख के मैं तंग आ चुकी थी .................जीवन अपनी गति से चल रहा था और ..........समस्याएं उससे दो कदम आगे थी |
लोगो के ताने ..............और कभी -कभी घर वालो के भी ||

मैं आपको बता दूँ आपको सभी आपके डाउन टाइम में गलत ठहराएंगे | लेकिन कोइ उसपे विचार नहीं करेगा | और एक समय ऐसा आता है की ..........आप खुद से हार के और जीवन को त्यागने का फैसला कर बैठते है |
मैंने भी किया ..........लेकिन ये भी इतना आसान रास्ता नहीं होता दोस्त |
यहां भी मैं फ़ैल रही .......................||

एक दिन यूँ ही बैठी ..................अपनी कविताओं को पलट रही थी ................और ये जानने का प्रयाश कर रही थी ..........कैसे मैं लिख लेती हूँ |
मैं बता दूँ मेरी हिंदी बहोत अच्छी नहीं है .........लेकिन मैं फिर भी लिख लेती हूँ |

होता क्या है दोस्त ..........जब आप जन्म लेते है ना तो ................आपके साथ ईश्वर जन्म लेते है ...............आपके अंदर छुपी प्रतिभा के रूप में ||

हमें बस उसी प्रतिभा को तलाशना होता है | और वही हमारी सही सफलता है ............बाकि सारी चीजे जिनको हमने दुसरो के कहने पे की ..........या करने की कोसिस कर रहे है | किसी और को फॉलो कर के ...............अपनी राह बनाने की कोसिस कर रहे है .............वो सारी चीजे हमें असफल बनाती है

सफलता और असफलता के बीच बस इतने का फ़र्क है ||

खुद को पहचान के खुद को आगे बढ़ाना ही सफलता है
..................

दुसरो को फॉलो कर के अगर आप आगे बढ़ रहे है तो यकीं मानिये ....................आप असफल ही है ||

अपने जीवन का उदेस्य खोजिये .................अपने आप को भीड़ से अलग कीजिये ......................आप क्या बेहतर कर सकते है ...............अपने अंदर उस एक ख़ास प्रतिभा को ढूंढिए ..............और आगे बढिये ................बिना किसी और की सलाह लिए |
खुद पे भरोसा रखिये | आप सही है तो जो आज आपको नजरअंदाज कर रहे है .................वही कल गले भी लगायेंगे || 

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