निराशा एक दीमक है 

 

इस निराशा से बाहर कैसे निकले | क्या सबको जरुरत है किसी कंसल्टैंट की ?
आईये जानते है मेरे नए ब्लॉग में |

 
सबसे पहले तो बहोत बहोत सुक्रिया आप सभी का मेरे ब्लॉग को इतना पसंद करने के लिए


ऐसे तो बहोत कुछ लिखा जा सकता है | और आपने बहोत कुछ पढ़ा भी होगा इसके लिए |
१) सकरात्मक रहे
२) खुस रहने का प्रयाश करे
३) योग करे
४)अपने आप को बिजी रखे
५) भरपूर नींद ले
ऐसी और भी बातें है | सब सही भी है | मानने योग्य है और हमें  माननी भी चहिये ||

लेकिन समस्या ये है की जब हम निराश होते है | हम सोच नहीं पाते कुछ भी ........हमें कुछ भी अच्छा नहीं लगता |
दिमाग में हजार ख्याल आते है ............कुछ अच्छे और बहोत सारे बुरे ख्याल .........जिन्होंने हमारी रातो को नींद उड़ा रखी होती है |
ऐसे में कैसे कोइ अच्छी नींद ले ........कैसे कोइ बिजी रहे .........ऐसा क्या करे की वो ..........अपने इस निराश पल को भी ऊर्जा से भर दे | 


है ना कठिन सा प्रश्न ||

मैं यहां पे कोइ ज्ञान नहीं दूंगी | बस वो कहना चाहूंगी जो मैंने किया .......मेरे लिए भी बड़ा मुश्किल सफर रहा ये | लेकिन कुछ सीखा मैंने इन निराशा भरे दिनों से | 

 

आईये आपसे साँझा करते है ...........अपने खुद के आजमाए कुछ खास टिप्स |

 

 अपनी हॉबी को फॉलो कीजिये

 

  अपने आप को बिजी रखना है तो .............अपने कामो में बिजी रखिये
जैसे की ........हमारी बहोत सारी हॉबी होती है .........या फिर कुछ ऐसी नॉनसेन्स चीजे भी जो की
हमें खुसी देती हैं ||
उसे करने का प्रयाश कीजिये |
मैं अपनी अगर बात करू तो ........मुझे कवितायेँ लिखना बहोत पसंद है ..मैं बहोत सारी कवितायेँ लिख डालती हूँ जब मैं निराश होती हूँ | और मैं पूरी कोसिसि करती हूँ की वो सारी कवितायेँ ऊर्जावान हो जो दुसरो को मोटीवेट करे और मुझे भी |
और मैं पहले से काफी बेहतर महसूस करने लगती हूँ ||

अगर आपकी कोइ हॉबी है तो आप उसे सबसे पहले फॉलो करे | 

 

 लेकिन ध्यान  रहे उसमे किसी और को कोइ तकलीफ ना हो ......... हमें इस बात का भी ध्यान रखना होता है |

 

 अपने आप को दुसरो के साथ बाटें

यहाँ  मैं ये नहीं कह रही आप अपने दुखो को दुसरो के साथ बाटें ........दोस्त कड़वा करेला कोइ नहीं लेना चाहता ........तो अपने आप को दुसरो के दुःख और खुसी दोनों में बाटें |
सहयोग करने की आदत डाले | अपने दोस्तों की खुशियों में शामिल होना सीखे | 

होता क्या है ,, हम सब में एक कमी होती है ,, एक तो हम किसी के लिए अगर कुछ राई के दाने जितना भी कर दे तो हम उसमे अपने कंट्रोब्यूशन ढूंढ़ने लगते है | और ना मिलने पर हम और निराश हो जाते है |
तो इस कंट्रीब्यूशन वाले चक्कर से दूर रहे || 


यहां पे सिर्फ अपने आप को लोगो से बाटना है .........अपने आप को महान साबित करना हमारा लक्ष्य नहीं होना चहिये .............आपके कार्य अच्छे होंगे आप अपने आप महान साबित हो जाओगे |

मुझे ये बेहतर तरीका लगा अपने निराशा भरे दिनों में |मैंने  कुछ नए दोस्त बनाये उनसे  ढेर सारी बातेँ की
खुद को उनके साथ साँझा किया ............रिजल्ट अच्छे दोस्त भी मिले और ....निराशा भी जाती  रही ||

 

इन दो प्रमुख बातों के बाद आता है 

 
अपने आप को सकारात्मक रखे
योगा करे
खुस रहे
लोगो से मिले
भरपूर नींद ले
नशे से दूर रहे
बिजी रहे
अच्छे कार्यो के बारे में सोचे
अपनी अच्छी मेमोरी के बारे में सोचे
ये सारी बातेँ भी बहोत इम्पोर्टेन्ट है | 

 
हमारा दिमाग एक सॉफ्टवेयर की तरह काम करता है | अब आपको तय करना है उसमे वायरस डालना है या कोइ बेहतर प्रोगरामिंग करनी है ||

अपने आप को बेहतर बनाये रोज ..........ये सबसे अच्छा तरीका होता है .........जीवन को जीने का | 


खुद को दूसरे जैसा ना बनाये ............जो कल चला था ,, पुराने रस्ते पे ..........दोस्त वो राह अब बदल गयी है.................तेरे कदमो को अपनी मंजिल तलाशनी है तो खुद का रास्ता बना ..किसी का अनुयायी ना बन खुद को .........भीड़ से थोड़ा अलग दिखा ||

आशा करती हूँ आपको मेरी ये ब्लॉग बहोत पपसन्द आई होगी || अगर हाँ तो कमेंट कर के जरूर बताईये ||
बेस्ट ऑफ़ लक
गॉड ब्लेस्स यू ||


प्रिया मिश्रा :)) 


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