फ़टी चप्पल पे लिखने वाले बहोत है
कोइ नई दिला दे तो कुछ नया हो ||

प्रिया मिश्रा :))

उम्र निकल गयी
देखते हुए
अँधेरी गलियों
में,, आये हुए मोड़ो  को
जहां से मुड़ना था
वहाँ न मुड़ कर
कही और मुड़ गए
अब आखरी पड़ाव पे
सोचते है ,, क्यों ?

प्रिया मिश्रा :)) 

 

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