मिले जो किसी रोज़ फ़ुर्सत .. तो
टटोलना अपनी आत्मा को और पूछना उससे ... की मिले थे उसे कितने ही मौके ज़िन्दगी जीने के ... लेकिन तुमने ठुकरा दिया था उन मौकों को ये सोचकर की ... ये दुनिया क्या कहेगी ..!!

प्रिया मिश्रा :))

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