संवाद 

 

 

 


मीरा  -:  भईया ,, वो आप पे कैसे बिश्वाश कर ले  की  आप सही लड़के हो .......... और आपके लिए अपना पूरा घर छोड़ दे ............उसे जरा टाइम तो दीजिये ,, अपने घर वालो को समझाने का ||



मीरा का भाई :- 

 पुरे दो साल हो गए है हमारे रिश्ते को ,, सगाई हो गयी है | शादी की डेट फिक्स नहीं कर रहे .............मैं कह रहा हूँ की ,, रहने दो ये सब आवो कोर्ट मैराज कर लेते है .......लेकिन उसको अपने घर वालो की सुननी है | 



मीरा :-       जानती हूँ भाई आपके साथ गलत हुआ है .........बहोत गलत उनको ऐसा नहीं करना चाहिए .....
           वो बहोत गलत लोग है ...........मैं आपके साथ हूँ ...........क्योकि आप सही है
            लेकिन मैं ये भी सोच रही हूँ ............वो लड़की कैसे आप पर बिश्वाश कर लेगी ||



मीरा का भाई :- 

 सब ऐसे ही होते है .......उसको दो साल में मुझपे बिश्वाश नहीं हुआ ............. घर                                                 
                         वालो की बात सुन रही |  



मीरा :-        भाई वो उसके घर वाले है .............उसको आपसे ज्यादा हमेसा उनपे बिश्वाश होगा |
                  और जैसा समय चल रहा क्या किसी लड़की को किसी लड़के पे बिश्वाश होगा क्या |

 

मीरा का भाई :-  

   सब लडकियां ऐसी ही होती है ...........पहले माँ -पापा नहीं याद आते | कोइ नहीं याद
                        आता और अब |



सगाई टूट जाती है || 




कुछ सालो बाद

मीरा :- भाई मैं एक लड़के को पसंद करती हूँ
           वो आपसे बात करना चाहता है 



मीरा का भाई :-  आपको इतनी जल्दी एक लड़के पे बिश्वाश हो गया 



मीरा :-          भाई जल्दी नहीं है ,, मैं एक साल से जानती हूँ उसे | 



मीरा का भाई :-  उससे क्या हुआ ,, मानता हूँ अच्छा होगा ,, लेकिन बस आज के लिए ..........कल को
                       आपको छोड़ के चला गया तो क्या कीजियेगा |



 मीरा :-         भाई ,, इतना बिश्वाश तो है उसपे |



मीरा का भाई :-   आप मुर्ख है ,, आपको हमलोगो पे बिश्वाश नहीं .............दो दिन के आये लड़के पे है || 

 

 प्रिया मिश्रा :))

समाप्त

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