बंद ख़त में क्या लिखा होगा
जिसने लिखा होगा ..........
उसने खुद को छिपा के
शब्दों का आईना रखा होगा ||
प्रिया मिश्रा :))
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उसने मुस्कुरा के बंद ख़त में
अपना नाम पढ़ लिया
लिफ़ाफ़े का रंग
उसकी ओढ़नी के
रंग जैसा था ||
प्रिया मिश्रा :))
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अच्छा नहीं लगता मुझे
कभी -कभी
ये बदलता हुआ
वक़्त भी .......
जाते -जाते
वो प्रियतमा के
मधुर स्पर्श वाला
पत्रों का दिन भी ले गया ||
प्रिया मिश्रा :))
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वो अपनी ओढ़नी
अपने हथेलियों से
संभाले रखती थी
मुझे लगता था
उसके ........
प्रेम पत्र का
वो ओढ़नी ही
लिफ़ाफ़ा था ||
प्रिया मिश्रा :))
कमल से कोमल
उँगलियों के पोरो से
उसने इस ख़त को
लिखा है .........
मैं चाहता हूँ
इस ख़त को
तितलियाँ पढ़े ||
प्रिया मिश्रा :))
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