बंद ख़त में क्या लिखा होगा
जिसने लिखा होगा ..........
उसने खुद को छिपा के
शब्दों का आईना रखा होगा ||

प्रिया मिश्रा :))  

 

24 

 

 उसने मुस्कुरा के बंद ख़त में
अपना नाम पढ़ लिया

लिफ़ाफ़े का रंग
उसकी ओढ़नी के
रंग जैसा था ||

प्रिया मिश्रा :)) 

 

24

 

 अच्छा नहीं लगता मुझे
कभी -कभी
ये बदलता हुआ
वक़्त भी .......

जाते -जाते
वो प्रियतमा के
मधुर स्पर्श वाला  
पत्रों का दिन भी ले गया ||

प्रिया मिश्रा :)) 

24

 

 वो अपनी ओढ़नी
अपने हथेलियों से
संभाले रखती थी

मुझे लगता था
उसके ........
प्रेम पत्र का
वो ओढ़नी ही
लिफ़ाफ़ा था ||

प्रिया मिश्रा :)) 

 

 कमल से कोमल
उँगलियों के पोरो से

उसने इस ख़त को
लिखा है .........

मैं चाहता हूँ
इस ख़त को
तितलियाँ पढ़े ||

प्रिया मिश्रा :))

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