तुम भी अकेले
हम भी अकेले
शाम भी
तन्हा -तन्हा सी है
आओ महफ़िल सजाते है
शाम को ही ............
सितारों की रंगीन
रात बनाते है ||
प्रिया मिश्रा :))
इतना ख़ाली -ख़ाली सा
कैसे जिया जाये .....
क्यों ना किसी
एक और खाली को
भरा जाए ............
किसी अकेले को
साथ लेके चला जाये ||
प्रिया मिश्रा :))
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