जब मैंने तुम्हे पहली बार देखा था ...........तब तुम्हारी डीपी से लगाव हुआ था ...........बहोत सुंदर थी
कपल वाली ............ फिर तुम्हारी कवितायेँ पढ़ी .............और पढ़ाई भी अपने सारे दोस्तों को | तुम्हारी तारीफ़ कोइ करता तो लगता जैसे मेरी ही तारीफ़ हो रही हो....................एक लगाव सा था तुमसे ,, तब सच मानो प्यार -वार हमने कभी नहीं सोचा था ||
सोचती भी कैसे ............तुम्हारा तो फॉलो बैक ही मिलना मुश्किल था ............वैसे मैंने तुम्हे फॉलो बैक के लिए फॉलो किया भी नहीं था ............ मैं तो भूल गयी थी की ,, मैंने तुम्हे फॉलो किया है ||
सिर्फ तुम्हारी लिखी कवितायेँ पढ़ती रहती ................... अच्छा लगता था तुम्हे पढ़ना | तुम्हारे बारे में बारीकी से हर उस बात को जानना .............जिसे लोग सिर्फ महज शब्द समझ के वाह कर दिया करते होंगे |
तुमपे काफी रिसर्च किया है ...........मैंने ||
काफी अच्छे लगे थे तुम मुझे ..............थोड़े अलग भी ............... और तुम्हारी कवितायेँ और भी अच्छी .....................||
जब हमने पहली बार बात की थी ......................तब तुम्हारी आवाज ............और अपनी प्यारी आवाज में तुम्हारा वो ............कविता पढ़ना ............मुझे कहानियाँ सुनाना ||
मेरी शाम की चाय तुम्हारी बिना अधूरी थी तब ..................||
मैं ये नहीं कहती ...........तुम संसार के सबसे अच्छे लड़के हो |
तुम बस जैसे हो ..............मुझे बहोत पसंद हो ||
हमेसा ऐसे ही रहना ...................ढेर सारा प्यार तुमको ||
प्रिया मिश्रा :))
24


Comments
Post a Comment