सुनी -सुनाई बातो पे
कभी यकीन ना किया करो

किसके दिल में
क्या छुपा है

अपने दिल की
खिड़की खोल
कभी उसके
जज्बातों को
महसूस भी किया करो

क्या पता ,,
एक अफवाह
किसी की जान ले जाये

क्या पता ,,
तुम्हारा जमीर जागे बाद में
और ,,
हाथ मलता रह जाये ||

प्रिया मिश्रा :)) 

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