उसे जब भी मेरी
याद आती है
वो ........सूखे
गुलाबो की
पंखुड़ियों को
लिफ़ाफ़े में
डाल कर
मुझे .....
भेजा करती है
हमारे खतो में
शब्द डेरा नहीं डालते
गुलाब बिखर कर
एक- दूसरे को
सुगन्धित कर जाया करते है ||
प्रिया मिश्रा :))
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उसे जब भी मेरी
याद आती है
वो ........सूखे
गुलाबो की
पंखुड़ियों को
लिफ़ाफ़े में
डाल कर
मुझे .....
भेजा करती है
हमारे खतो में
शब्द डेरा नहीं डालते
गुलाब बिखर कर
एक- दूसरे को
सुगन्धित कर जाया करते है ||
प्रिया मिश्रा :))
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