मेरे मृत्यु के बाद
मेरे लिए ....

मेरे सारे रिश्ते
अग्नि में
समाधी ले लेंगे

उनके लिए
मैं अग्नि में
समाधी ले लुंगी

ये सृस्टि
फिर भी
रहेगी ...

इसलिए हमारा
ये सोचना की

हम इस सृस्टि के
रचयिता है ...

या हमारा योगदान है
इस सृस्टि की
रचना में

सूरज को
दीपक दिखने जैसा है ||

प्रिया मिश्रा :))  

 

24

Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog