मैं कोइ वीरांगना नहीं हूँ
मैं एक साधारण स्त्री हूँ
मुझसे प्रेम मांग लेना
मैं सहर्ष ही .....
आँचल में सजा के
दे दूंगी
.........................
मुझसे कोइ
मिथ्या वचन ना कहना
जो आहात हुई
तो ....................
शस्त्र उठा लुंगी
मैं कोइ वीरांगना नहीं हूँ
परन्तु
बात अगर धरती पर
प्रेम बचाने की हो ...
मैं मिथ्याभाषी
का सर ............
प्रेम की चरणों में
चढ़ा दूंगी ...........
प्रिया मिश्रा :))
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