सुनो ,, 

 

वो सूरज की लालिमा ..........ढलते वक़्त ..कितनी .........चम्पई हुई जाती है .......................

 

ठीक वैसे ही ...................जैसे तुम्हारे तारीफ़ करने पर .......मेरे गालो का रंग ||

 

 सुनो ,, वो सूरज कितना चमकता है ...............................

 

ठीक वैसे ही ........................जैसे मेरी आँखे ....................... तुम्हे निहारते वक़्त || 

 

 

 प्रिया मिश्रा :))

 

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