एक ख़त पे लिखा था

ख़त बंद कर दे
आख़री .....
इम्तहान है

ख़त फड़फड़ाता रहा
हवा तेज थी .......

ख़त बुदबुदाता रहा
ख़त बंद कर दे ||

प्रिया मिश्रा :)) 

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