डर लगता है
कभी -कभी

कभी -कभी
रोना भी आता है

फिर जब तुम्हारी
बातें याद आती है
तो हसना भी आता है

सुनो ,,
खोने का डर है तुम्हे
हो भी,, क्यों ना ?

मैंने देखा है
पैरों के निचे से
जमीन को ख़िसकते हुए

मैंने देखा है
इंसानो को
वक़्त के
साथ बदलते हुए ||

प्रिया मिश्रा :)) 

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