मैं अजीब लड़की हूँ
मुझे सजना -सवरना
नहीं आता .......
मैं अपने केशो
को ...
कभी -कभी
सवारती हूँ
कानो की
बालियाँ भी नहीं है
मेरे पास ...
मेरे आँखों में
काजल भी कम
दीखता है ....
मेरे पास
चूड़ी ...
बिंदियाँ
पायल
कुछ भी नहीं है
मैं हर वक़्त
भूतनी ...
लगती हूँ
और ..
मुझसे भी
अजीब वो
लड़का है
जो बुलाता मुझे
भूतनी है ...
और
जिसे मैं
ही ...
सबसे ..
सुन्दर दिखती हूँ
प्रिया मिश्रा :))
"जीवन की आपा - धापी " जीवन की आपा - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये दो सिक्के जमीं पे गिर गए तो गम ना कर हाथो से वो , तेरा करीबी रिस्ता ना छूट जाये || बड़े मुश्किल से मिलते हैं दिल से हाल पूछने वाले तुझसे चाहने तुझे सराहने वाले कही इस आप - धापी में कोइ वो चेहरा ना ग़ुम हो जाये || जीवन की आप - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये || कोइ गुजर रहा होगा तेरे इन्तजार के पलों से वो तेरा यार ना रूठ जाये जीवन की आपा - धापी में वो तेरा प्यार का गुलिस्तां ना छूट जाये || थाम लेना उस हमदम के हाथो को तेरा हमकदम तेरा हमसफ़र ना छूट जाये जीवन की आपा - धापी में तेरी जमीं तेरा आसमान ना छूट जाये || तू नहीं कोइ खुदा कही तुझे ये गुमा ना हो जाये संभाल लेना खुद को इस चकाचौंध से की कोइ तेरा अपना अँधेरे में ना ग़ुम हो जाये || जीवन की आपा - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये || प्रिया मिश्रा :)
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