रह गया तुम्हे भी याद
रह गया मुझे भी याद
की ..........
कुछ भूलना था ||

प्रिया मिश्रा :))  

 

 जब भी प्रेम
अकुलाता है
प्रेमी कविता लिखता है

उस कविता पे
वाह -वाह करने वाले

अक्सर .....
मजाक उड़ाते है
प्रेम का ||

प्रिया मिश्रा :))

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