एक गरीब से घर में आई हुई नई बहु .................चूल्हे में आग जला के .............बर्तन में पानी रख दिया करती थी ................फिर उसे कलछी से चलती रहती .......इस तरह से ........पड़ोसियों को कभी ये एहसास ना होने दिया की ........वो रोज भूखे सोते है ||
प्रिया मिश्रा :))
ख़ाली बर्तन ............ पैरों में फ़टी बेवाय ............और झड़ता बसंत ........ हवावों से आती हुई रजनीगंधा के फूल .................और चन्दन की सुगंध ......................सब एक साथ ..............थकी हुई आश में ...बस एक बार .........प्रियतम का प्रथम स्पर्श जैसा है ||
प्रिया मिश्रा :))
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