मैं वर्षो से
एक समर जीती
आ रही .....

एक समर को
त्यार हूँ .....

मैं दो मर्यादावो
के बीच खड़ी

मैं छल को भी
त्यार हूँ

मुझे ख़बर है
कोइ खुद के
जहन को ना
समझायेगा

सारा दोस  
मुझपर होगा

जाते -जाते भी
मेरा .....
एक समर शेष
रह जायेगा

प्रिया मिश्रा :)) 

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