स्त्री दहलीज लाँघ दे
ऐसा कुछ गज़ब
मत कर जाना
तुम्हारे चौखट से
तुम्हारी ...बिटियाँ
के पैर.........
बिना कोइ
निशाँ छोड़े ही
चले जाएँ
ऐसा कोइ काम
ना करना
सारे
गीले -शिकवे
मिटा देना
महावर के
छाप उलटे
अच्छे नहीं लगते
सुखी सफ़ेद
एड़ियों में
पायल नहीं सजते
घुंगरू सिर्फ
आवाज नहीं
तुम्हारे
आँगन की सोभा है
कभी अपने
आँगन को
वीरान मत करना ||
प्रिया मिश्रा :))
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