सूरज से एक
परी आई
पेड़ो से
उतर कर
दे गयी हमें
ढेर सारा
ऑक्सीजन
और ढेर
सारे फल
धरती की
हरियाली दे गयी
और दे गयी
ढेर सारा
असीस ...
वो आसमान की
पेड़ो वाली
परी ....
बोली हमसे
सुन लो मेरी बात
मैं पेड़ो की
सहजादी
बताऊ तुम्हे
एक बात
पेड़ लगावो
पेड़ लगावो
जग को
हरा -भरा
बनाओ
नहीं तो मैं
कभी नहीं
आउंगी
फिर कैसे
खाओगे
प्यारे -प्यारे
फल .....
अगर आज पेड़
नहीं लगाए
तो कैसे दोगे
अपने बच्चो को
हरा -भरा
सा कल
मैं अलबेली
सहजादी
परियों की
तुम्हे सिखाती
कहानी
नन्हे पेड़ो की
देते हमको ऑक्सीजेन
और देते हरियाली
ये पेड़
मेरी नानी ने
लगाए
झूले इसपे मेरी
माँ ......
मेरी माँ ने
लगाए जो पेड़
उसके फल
मैं खाऊँ
बोलो बच्चो
कौन लगाएगा
कल पेड़ ..
मैं बस
उसके लिए
ही ....
आसमान के
फल लाऊँ
प्रिया मिश्रा :))



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