आँसुओं का निकलना एक
उन्मुक्त और स्वाभाविक आचरण है

भीड़ का
इकठा होना
भीड़ के
सम्वेदनशीलता पे
निर्भर करता है ||

प्रिया मिश्रा :))  

 

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