एक चिड़ियों
का जोड़ा
सर्दी की रात में

ना बचा पाया
अपना घोंसला

वो रात कुहासे
वाली थी

जिसमे लोग
अपने घरो
में बैठ
लिख रहे थे

महबूब पे कविता
उस चाँद का
चेहरा देख

जो निष्ठुर सा
निस्तेज सा

देख रहा था
चिड़ियों के
जोड़े का
घोंसला
उजड़ते हुए  

प्रिया मिश्रा :)) 

 

 

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 https://www.youtube.com/watch?v=fCF1qu0t_DM

 

 


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