छोटी -छोटी
खुशियों से
छोटा -छोटा
घिरौंदा महकेगा
जब फूल खलेंगे
बागो के ...
हर माली चहकेगा
तो चलो
कुछ हाथ बढ़ाओ
कुछ पेड़ लगाओ
कुछ शिक्षा की
नींव रखो
ज्ञान के
प्रकाश को
चहुँओर फैलाओ
चलो ....
अब बहोत हो गया
अब ज्ञान
और
बाग़ान की
एक क्रान्ति लाओ
प्रिया मिश्रा :))
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U write too good
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