किसी भी व्यक्ति को कुछ समझाने से पहले हमें किन -किन बातों का ध्यान रखना जरुरी है ?  

 

1)

 

 हमे किसी भी व्यक्ति को कुछ समझाने से पहले उसकी मानशिक स्थिति को समझना आवश्यक होता है
उसकी  परिस्थितियों से अवगत होना जरुरी होता है ||

बिना किसी को पूरी तरह से जाने हम किसी को कुछ समझा नहीं सकते |

जैसे मैथ्स के एक प्रॉब्लम का फार्मूला उसके दूसरे प्रॉब्लम पे काम नहीं करता .........वैसे ही .......हमारी अपनी सोच दुसरो पे काम नहीं करती .......इसलिए समझाते वक़्त इस बात का ख़ास ध्यान रखे की क्या समझाना है और क्यों समझाना है || 

 

2)

 

 अगर बात दो लोगो के बिच की हो ..........और आपको उन्हें कुछ समझाना हो ......या फिर न्याय की बात हो ......तो वहाँ भी दोनों पक्षों के विचारो को भली -भातिं अवलोकन  कर के ही  ..अपने विचारो  को रखना चाहिए || एक तरफ़ा न्याय हानिकारक होता है || 

 

3)

 हमे अपनी विचारो पे भी पुनः विचार करना चाहिए की जो हमने किसी को समझाने हेतु कोइ बात कही है ||
क्या वो सटीक समाधान है .... आपके बताये गए समाधान से किसी का ह्रदय आहात ना हो .....हमे इसका भी पूर्ण ध्यान रखना चाहिए ||
किसी को भी सामूहिक रूप से कुछ कहना भी एक व्यक्ति के ह्रदय को आहात कर सकता है ||
ध्यान रखे ||


4)

मछली आसमान में नहीं उड़ सकती और पंछी पानी में नहीं रह सकते .........कहने का अर्थ है .....सबकी अपनी -अपनी बौद्धिक क्षमता है ....उसके आधार पर ही अपने तर्क और तथ्य को रखते हुए ......किसी भी व्यक्ति को कुछ समझाना चाहिए || 

5)

हमारे पुरातन काल में किसी भी युद्ध को रोकने के लिए एक शांति दूत का प्रयोग किया जाता था | वो शांति दूत .........जब अपने राजा का प्रस्ताव लेके दुश्मन राजा या पडोसी राजा के पास जाता था तो .........वो अपनी राजा की प्रशंसा करता था और उनके गुणों का बखान करता था ..........साथ ही साथ वो उस दुस्मन राजा के भी बखान में शब्दों का उचित उपयोग करता था ||
इस प्रक्रिया से पडोसी राजा ......के मन में एक भय .........भी उतपन्न होता था और एक सम्मान की भावना भी आती थी .......साथ ही साथ पडोसी राजा की प्रशंसा करने से उसे क्रोधित होने रोका जाता था .......जिस से पडोसी राजा ...........बात को शांति पूर्वक अपने विचारो में धारण कर सके ||
इस प्रक्रिया से पडोसी राजा भी आहात नहीं होता था और बड़े से बड़े युद्ध शांतिपूर्वक टल जाते  थे ||
ये एक बहोत ही विचारधारा है जिसपे विचार किया जाना चाहिए ............जब आप किसी को समझाने का प्रयत्न कर रहे हो || 


24 


आपके पास कोइ बेहतर सुझाव हो तो हमसे जरूर साझा करे | हमे खुसी होगी आपके सुझावों को जान कर आपसे बातें कर के || और अगर मेरी बातें आपको पसंद आई हो तो ....... मुझे जरूर बताएं ||

धनयवाद आपका ||

प्रिया मिश्रा :))

 

 

Comments

  1. 👌👌 प्रिया जी आपके ज्ञान के आगे कहाँ किसी की हैसियत जो सुझाव दे सके। 😁😁

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  2. hahahaahah :)) shukriyaa eti tarif ke liye :))

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