अपने पुरे दिन को बेहतर कैसे बनाया जा सकता है ?

 

 अपने पुरे दिन को बेहतर बनाने के लिए हम प्रमुख कार्य कर सकते है |

1)





हमारे अगले दिन की शुरुआत ..हमारी बीती रात पे भी निर्भर करता है
इसलिए हमें सोते वक़्त अपने आस -पास कोइ भी नेगेटिव विचार और चीजे नहीं रखनी चाहिए .... पूरा प्रयाश करे की ..........जल्दी और मुस्कुराते हुए सोये | हमें रात को सोते वक़्त उन सारी बातो को एक बार सोचना चाहिए जो अच्छी हुई है ..........आपके पुरे दिन में | सोने से ठीक पहले अपने हक़ीक़त के सपने को उड़ान देके सोना भी ...........एक बेहतर दिन की शुरुआत करेगा ||

 

2) 

 हमारे दिन की शुरुआत योग से होनी चाहिए ........... योग अपने आप में एक अच्छी प्रक्रिया है ....जो हमें पुरे दिन स्वस्थ और ऊर्जावान रखती है |
मानशिक तनाव को दूर करने के लिए ..... योग अथवा प्राणायाम बेहद कारगर है |
सुबह -सुबह अखबार पढ़ना बहोत अच्छा नहीं माना जाता है ..... कारन ये नहीं की हमारे समाचारपत्र में कोइ दोष है | कारन बस इतना है ........आजकल के सारे समाचारपत्रों में अधिकतर नकारात्म खबरों की भरमार रहती हैं | ऐसे में सुबह को गुड बनाने के लिए प्राथना ,योग ,प्राणायाम ये सब बेहतर उपाय है || 

 

3) 

 अपने छुटियों वाले दिनों में हमें कुछ सामाजिक कार्य में भाग लेना चाहिए .......... जैसे प्राथना समाज , योग सम्माज .......... साफ़ -सफाई अभियान | बच्चो के लिए शिक्षा अभियान वैगेरह -वैगेरह | इससे हमारे सोच में भी इजाफ़ा होगा | और पुण्य का काम तो हम कर ही रहे है | इससे हमारे नए दोस्त बनेंगे ...जिससे हमारे अंदर भी उत्साह का वातावरण रहेगा ||  

 

4)

 हर वर्ग के साथ जुड़ के रहना भी ........ हमारे बौद्धिक क्षमता में बिकाश लता है .......... जिससे ... हम अपनी दिन की शुरुआत अच्छी कर सकते है ||

नकारात्मक लोगो और नकारात्म सोचो से जितना हो सके दूर रहे | 

 

5)

 सबकी मदद करना ...... भी हमें दिन भर ऊर्जावान रख सकता है ||

तो हमेसा खुस रहे
दुसरो की मदद करे
अच्छे मित्र बनाये
अपने दिन की शुरुआत में
प्राथना और योग जरूर शामिल करे
मैडिटेशन करे ||
साफ़ -सफाई की आदत डाले ||
बच्चो की शिक्षा में उनकी मदद करे |
अपना और दुसरो का ख्याल रखे ||

हमेसा उसके बारे में सोचे जो आपको चाहिए .........उसके बारे में अपने दिमाग में कभी ख्याल न लाये जो आपको नहीं चाहिए ||
किसी का मजाक ना बनाये |

कोइ आपसे मदद मांग रहा है तो उसकी यथा संभव मदद करे |

परम्परा का अंधे बन एक पालन ना करे .........चीजों का जानना और समझना सीखे ?
हमारी सारी पुरातन चीजे वज्ञानिक रूप से कारगर है .........उनके बारे में समझे और दुसरो को भी समझाए ||
पानी बचाएँ और ........... पेड़ लगाए ||

धनयवाद

प्रिया मिश्रा :))

 

Comments

Popular posts from this blog