मेरे ह्रदय में है, एक और ह्रदय ,, जिसे छू ना पाया अब तक कोइ
उस ह्रदय में एक और ह्रदय ,,वो ह्रदय मेरा ...पिंजरे में बंद मासूम बच्चे जैसा,, सच्चा हैं लेकिन खाली सा है .. वो जैसे कैदी रहते है ना... या जैसे परिंदे बंद रहते है, अपने पिंजरों में वैसे रहता है ... जो नहीं करना चाहता किसी से अब कोइ फ़रियाद,, ना वो कोइ झूठी बातों का दिलाशा चाहता है ... नहीं कोइ वादा लेना और देना चाहता है | वो बस जिस पिंजरे में बंद है उस से रिहाई चाहता है .... वो छोटा सा नन्हा सा ह्रदय मेरा ...रोज उस पिंजरे से अपना सर टकराता है और फिर आहात होके पिंजरे में ही खो जाता है ||
प्रिया मिश्रा :)
"जीवन की आपा - धापी " जीवन की आपा - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये दो सिक्के जमीं पे गिर गए तो गम ना कर हाथो से वो , तेरा करीबी रिस्ता ना छूट जाये || बड़े मुश्किल से मिलते हैं दिल से हाल पूछने वाले तुझसे चाहने तुझे सराहने वाले कही इस आप - धापी में कोइ वो चेहरा ना ग़ुम हो जाये || जीवन की आप - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये || कोइ गुजर रहा होगा तेरे इन्तजार के पलों से वो तेरा यार ना रूठ जाये जीवन की आपा - धापी में वो तेरा प्यार का गुलिस्तां ना छूट जाये || थाम लेना उस हमदम के हाथो को तेरा हमकदम तेरा हमसफ़र ना छूट जाये जीवन की आपा - धापी में तेरी जमीं तेरा आसमान ना छूट जाये || तू नहीं कोइ खुदा कही तुझे ये गुमा ना हो जाये संभाल लेना खुद को इस चकाचौंध से की कोइ तेरा अपना अँधेरे में ना ग़ुम हो जाये || जीवन की आपा - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये || प्रिया मिश्रा :)
https://www.youtube.com/watch?v=2AkgbHVQ1ng
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