किसी भी रिश्ते को मजाक के रूप में समाज में प्रस्तुत करना
और
किसी भी रिश्ते में मर्यादा रखते हुए उसे आदर पूर्वक
प्रस्तुत करने में फर्क होता है ||
प्रिया मिश्रा :))
जो कहते है तुझसे की ...
मैं तुझे ज़माने से छिपा के रखती हूँ
क्योंकि तुझे एक दिन बिसरा दूंगी
तो उनसे कह देना जाके
मैं कोइ तेरी गलियों की मुसाफिर नहीं हूँ
जो तेरी गलियों से गुजर जाउंगी
तू मेरा बेशकीमती हीरा है
और ,,मैं जानती हूँ
मेरे अनमोल हीरे को
और मैं ये भी जानती हूँ
की ,,
बेशकीमती हीरों की सरे नुमाईश नहीं की जाती
प्रिया मिश्रा :))
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