मैं जब भी कुछ लिखती हूँ ,,
मैं एक नया जीवन शुरू करती हूँ ||
प्रिया मिश्रा :))
मेरे लिए तो,, तेरा नाम ही तेरा शहर है
प्रिया मिश्रा :))
कोइ मर जाये तो लोग उसपे मालायें चढ़ा के
जीवन भर रोना पसंद करते है
लेकिन जीते जी कोइ नहीं समझता,,
की वो रोज मरता रहा है
आज तो बस साँसे टूटी है ||
प्रिया मिश्रा :)
पानी को बांध के समुन्द्र नहीं बनाया जा सकता है
उसे बहने दो ,,
वो बून्द - बून्द से रास्ते बना लेगा
और एक दिन बन जायेगा
बिशाल समंदर ,,
तो पानी को बहने दो
अगर समन्दर की चाह है ||
प्रिया मिश्रा :))
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