एक चिड़ियाँ
एक घोसला
उसमे बच्चे
माँ का हौसला
एक आया काला सा कौआ
मारी उसने चोंच,
गिर गया घोसला
टूट गए अंडे
चिड़ियाँ के जीवन 
में जो काला कौआ आया था
जिसने उसका
भूत , भविस्य और वर्तमान भी जलाया था
अब वो आता मेरे सपने में
काँव - काँव करता है
वो काला कौआ
मेरे सपने आके 
नाग बन मुझे डसता है
क्या करू
अब
 किस से कहूं अब
की ,
है कौआ वो
जो मुझे
ना मरने
ना जीने देता है
वो काला कौआ
सबको कौआ दीखता
मुझे जहर उगलता दीखता है ||

प्रिया मिश्रा :)) 

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