एक चिड़ियाँ
एक घोसला
उसमे बच्चे
माँ का हौसला
एक आया काला सा कौआ
मारी उसने चोंच,
गिर गया घोसला
टूट गए अंडे
चिड़ियाँ के जीवन
में जो काला कौआ आया था
जिसने उसका
भूत , भविस्य और वर्तमान भी जलाया था
अब वो आता मेरे सपने में
काँव - काँव करता है
वो काला कौआ
मेरे सपने आके
नाग बन मुझे डसता है
क्या करू
अब
किस से कहूं अब
की ,
है कौआ वो
जो मुझे
ना मरने
ना जीने देता है
वो काला कौआ
सबको कौआ दीखता
मुझे जहर उगलता दीखता है ||
प्रिया मिश्रा :))
"जीवन की आपा - धापी " जीवन की आपा - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये दो सिक्के जमीं पे गिर गए तो गम ना कर हाथो से वो , तेरा करीबी रिस्ता ना छूट जाये || बड़े मुश्किल से मिलते हैं दिल से हाल पूछने वाले तुझसे चाहने तुझे सराहने वाले कही इस आप - धापी में कोइ वो चेहरा ना ग़ुम हो जाये || जीवन की आप - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये || कोइ गुजर रहा होगा तेरे इन्तजार के पलों से वो तेरा यार ना रूठ जाये जीवन की आपा - धापी में वो तेरा प्यार का गुलिस्तां ना छूट जाये || थाम लेना उस हमदम के हाथो को तेरा हमकदम तेरा हमसफ़र ना छूट जाये जीवन की आपा - धापी में तेरी जमीं तेरा आसमान ना छूट जाये || तू नहीं कोइ खुदा कही तुझे ये गुमा ना हो जाये संभाल लेना खुद को इस चकाचौंध से की कोइ तेरा अपना अँधेरे में ना ग़ुम हो जाये || जीवन की आपा - धापी में कही तू तेरा मकान ना भूल जाये वो शहर वो आसमान ना भूल जाये || प्रिया मिश्रा :)
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