मैं तुम्हारे हर दुःख में बराबरी का रिश्ता चाहती हूँ
मैं प्रेमिका नहीं तुम्हारी पत्नी होना चाहती हूँ ||

मुझे नहीं शौक सिनेमा घरो की टिकटों का
मैं तो पायल की मधुर ध्वनि को तुम्हारे जीवन में भरना चाहती हूँ ||

मुझे नहीं की मेरे कोइ सहेली हो
मैंने तो तुम्हारे "माँ" की सहेली होना चाहती हूँ ||

सुनो , नहीं होंगे निराश तुम
यकीं कर लो , मैं रहूंगी तुम्हारे पापा की
बुढ़ापे की लाठी बनके

मैं नहीं होना चाहती तुम्हारी प्रेमिका
मैं तो तुम संग कंधे से कन्धा मिला के चलना चाहती हूँ ||

ना लाओ चाँद - तारे तोड़ के
मैं नहीं मांगती स्वर्ग तुमसे

मैं तो चुटकी भर सिंदूर
और एक वादे का मंगलसूत्र चाहती हूँ ||

मैं तुम्हारे हर दुःख में बराबरी का रिश्ता चाहती हूँ
मैं प्रेमिका नहीं तुम्हारी पत्नी होना चाहती हूँ ||

प्रिया मिश्रा :)

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