कभी - कभी रातो को नींद नहीं आती
स्वप्न करवट लेने लगते है

प्रिया मिश्रा :)

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हजारो इक्षाओं में
एक ईक्षा
और ईक्षा में
हजारो पल
हजारो पलों में
एक मैं
एक मेरी खुद की कहानी बुनने की ईक्षा
और उस कहानी में
एक सपनो का महल
और उस सपनो के
महल में
एक सपनो की अलमारी
उस अलमारी में
मेरी डायरी
उस डायरी में मेरे सपने
मेरे सपनो में
एक सुबह
उस सुबह में
सब कुछ रंगीन
बिलकुल इंद्रधनुष की तरह
उस इंद्रधनुष में
एकता
उस एकता में
सब अपने
सबके सपने अपने
सबकी थाली में रोटी
और सबके हाथ में कलम
सबके होठो पे मुस्कान
और मेरी कहानी में
मेरा प्यारा हिन्दुस्तान ||

प्रिया मिश्रा :)

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