हम चुप रह जाते है तभी अत्याचारी बढ़ जाते है ||
प्रिया मिश्रा
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नया - नया हो तो अच्छा लगता है
पुराना हो तो बोझ सा हो जाता है
पीठ दिखा के चले जाते है
जो ह्रदय की पीड़ा भी नहीं समझ पाते है
बड़ा कमीना है ये इश्क
अच्छे भले इंसान को आवारा बना के छोड़ जाता है ||
प्रिया मिश्रा :)
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ये जी हजूरी करने वाले
एक दिन हुजूर बन के बैठ जाते है
इन्हे सिर्फ तमाशा चाहिए
और एक नायिका
जो दिखाए तमाशा
इनके भूके आँखों को
प्रिया मिश्रा :)
प्रिया मिश्रा
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नया - नया हो तो अच्छा लगता है
पुराना हो तो बोझ सा हो जाता है
पीठ दिखा के चले जाते है
जो ह्रदय की पीड़ा भी नहीं समझ पाते है
बड़ा कमीना है ये इश्क
अच्छे भले इंसान को आवारा बना के छोड़ जाता है ||
प्रिया मिश्रा :)
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ये जी हजूरी करने वाले
एक दिन हुजूर बन के बैठ जाते है
इन्हे सिर्फ तमाशा चाहिए
और एक नायिका
जो दिखाए तमाशा
इनके भूके आँखों को
प्रिया मिश्रा :)
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